तोहफा, अब पहाड़ी क्षेत्रों में दौड़ेंगे ऑटो

उत्तरकाशी उत्तराखंड का ऐसा पहला पहाड़ी जिला होगा, जहां ऑटो दौड़ते नजर आएंगे। संभागीय परिवहन प्राधिकरण (आरटीए) की बैठक में जिले में 10 ऑटो परमिट जारी करने का निर्णय किया गया है।

आपदा पीड़ितों को वरीयता
इसमें आपदा पीड़ितों को वरीयता दी जाएगी। बुधवार को ईसी रोड स्थित गढ़वाल आयुक्त कार्यालय में आरटीए की बैठक हुई। बैठक में तीस बिंदुओं पर चर्चा हुई, जिनमें से बीस पर एक सप्ताह बाद निर्णय लेना तय हुआ।

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उत्तरकाशी में 10 ऑटो चलाने पर आरटीए ने मुहर लगा दी। हालांकि, ये ऑटो तिपहिया नहीं, बल्कि चार पहिया वाहन होंगे। पहाड़ में पुराने व्यावसायिक वाहन संचालकों को भी राहत दी गई है। पहाड़ी रूटों पर वाहनों की आयु 12 साल होती है।

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अब इस अवधि के बाद वाहन संचालक इन्हें 15 साल तक मैदानी रूट पर चला सकेंगे। पहाड़ के एक दर्जन मार्गों पर सवारी वाहनों के संचालन का भी निर्णय लिया गया। संभागीय परिवहन अधिकारी दिनेश चंद्र पठोई ने बताया दो साल बाद आरटीए की बैठक हुई थी।

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इसलिए हाईकोर्ट के निर्णयों पर ज्यादा चर्चा हुई। बताया कि कुछ फैसले अभी सुरक्षित रखे गए हैं, समीक्षा के बाद इन पर कार्रवाई की जाएगी।

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